आदिशक्ति
आदिशक्ति वह शक्ति हैं जिनसे इस सृष्टि की शुरुआत हुई। जब कुछ भी नहीं था — न समय, न स्थान, न शब्द — तब उसी शून्य से आदिशक्ति के रूप में ऊर्जा प्रकट हुई। वही शक्ति देवताओं की जननी बनी, वही जीवन का आधार है। वह केवल एक देवी नहीं, बल्कि वह चेतना है जो हर कण में, हर हृदय में प्रवाहित होती है। हिंदू दर्शन में आदिशक्ति को सृष्टि की प्रथम ऊर्जा कहा गया है — जो ब्रह्मा के रूप में रचती है, विष्णु के रूप में पालती है, और शिव के रूप में संहार करती है। वह सरस्वती में ज्ञान है, लक्ष्मी में समृद्धि है, और पार्वती में शक्ति है। आदिशक्ति हमें यह सिखाती हैं कि दिव्यता कहीं बाहर नहीं, हमारे भीतर ही बसती है। जब हम प्रेम, साहस और करुणा से कार्य करते हैं — तब वही शक्ति हमारे माध्यम से प्रकट होती है।
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