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Anant Ravivar / Udhyapan Ravivar 2026: Muhurat, Puja Vidhi, Rules, Mantras & Complete Guide

April 2026 में सही muhurat के साथ Anant Ravivar या Udhyapan Ravivar (Chhath के बाद) करें। इस complete guide में जानें पूरी puja vidhi, Surya mantras, Surya Dev के 12 नाम, नियम, do’s & don’ts और इसका आध्यात्मिक महत्व। अपने Anant Ravivar को और भी सरल बनाने के लिए online pandit, temple booking और puja samagri services का लाभ उठाएँ और अपनी पूजा को seamless और व्यवस्थित बनाएं।

Anant Ravivar, जिसे Udhyapan Ravivar भी कहा जाता है, Surya Dev (Sun God) को समर्पित एक महत्वपूर्ण ritual है, जो आमतौर पर Chhath Puja या कई Ravivar Vrat पूरे करने के बाद किया जाता है। यह अनुष्ठान व्रत की सफल पूर्णता (Udhyapan) का प्रतीक होता है और स्वास्थ्य, समृद्धि एवं आशीर्वाद के लिए कृतज्ञता व्यक्त करता है। Sanatan Dharma में इस पवित्र अनुष्ठान का विशेष महत्व है, क्योंकि Surya Dev को दिव्य ऊर्जा का प्रत्यक्ष स्वरूप और जीवन, शक्ति तथा सफलता का स्रोत माना जाता है। Bhaktinama के साथ आप online pandit booking, online puja और puja samagri booking के जरिए बिना किसी तनाव के अपना vrat पूरा कर सकते हैं। आप online temple booking की सुविधा का लाभ लेकर अपनी mangalmay puja journey को और भी सरल बना सकते हैं। Muhurat for Anant Ravivar in April 2026 (Chaitra Month) Chaitra (March–April) के महीने में रविवार Surya worship के लिए अत्यंत शुभ माने जाते हैं। Auspicious Sundays in April 2026: 19 April 2026 26 April 2026 Best Choice: इनमें से 26 April 2026 (Chaitra का अंतिम रविवार) Udhyapan Ravivar के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है, क्योंकि यह पूर्णता और सिद्धि का प्रतीक है। Ideal Puja Time: Sunrise (प्रातःकाल) – सबसे शुभ Brahma Muhurta: लगभग 4:00 AM – 5:30 AM Surya Arghya Time: सूर्योदय के समय Significance of Anant Ravivar Anant Ravivar व्रत और Surya Dev की उपासना के समापन का प्रतीक है। मान्यता है कि विधिपूर्वक Udhyapan करने से बाधाएं दूर होती हैं, स्वास्थ्य में सुधार होता है, नेत्र ज्योति बढ़ती है और जीवन में समृद्धि आती है। यह अनुष्ठान भक्तों को कृतज्ञता व्यक्त करने और निरंतर आशीर्वाद प्राप्त करने का अवसर देता है। Bhaktinama आपके vrat को आसान बनाने के लिए आपकी हर जरूरत का समाधान देता है—बस अपने device से कुछ ही clicks में। Rules to Follow (Niyam) सूर्योदय से पहले उठें और शरीर व मन की शुद्धता बनाए रखें व्रत रखें (पूर्ण या आंशिक) साफ या लाल/नारंगी वस्त्र पहनें ब्रह्मचर्य और मानसिक अनुशासन रखें प्रतिदिन सूर्योदय पर Arghya दें क्रोध, असत्य और नकारात्मक विचारों से बचें Udhyapan के दिन दान अवश्य करें Complete Puja Vidhi (Step-by-Step) 1. Preparation घर और पूजा स्थल को साफ करें सूर्योदय से पहले स्नान करें तांबे के कलश में जल, लाल फूल, रोली और अक्षत तैयार करें 2. Sankalp (Resolution) पूर्व दिशा की ओर बैठें हाथ में जल लेकर Udhyapan Ravivar vrat का संकल्प लें 3. Surya Arghya तांबे के पात्र से सूर्य को जल अर्पित करें जल में लाल फूल और कुमकुम मिलाएं मंत्रों का जाप करते हुए धीरे-धीरे जल अर्पित करें 4. स्थापना (Invocation) Surya Dev की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें दीपक और धूप जलाएं 5. Offerings लाल फूल गुड़ गेहूं फल (विशेष रूप से लाल फल) 6. Mantra Chanting Surya mantras का जाप करें 7. Vrat Katha Surya vrat katha का पाठ या श्रवण करें 8. Aarti भक्ति भाव से Surya Aarti करें 9. Daan (Charity) गेहूं, गुड़, तांबा, लाल वस्त्र या भोजन का दान करें 10. Udhyapan Completion ब्राह्मण या जरूरतमंदों को भोजन कराएं पूजा पूर्ण होने के बाद व्रत खोलें शक्तिशाली सूर्य मंत्र सूर्य बीज मंत्र “ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः” सरल सूर्य मंत्र “ॐ सूर्याय नमः” आदित्य मंत्र “ॐ आदित्याय नमः” सूर्य देव के 12 नाम (द्वादश आदित्य) मित्र रवि सूर्य भानु खग पुषण हिरण्यगर्भ मारीच आदित्य सविता अर्क भास्कर Bhaktinama के साथ, जो हर कदम पर आपको मार्गदर्शन देता है, आपका vrat एक शांत, सरल और tension-free अनुभव बन जाता है। सही guidance के साथ आप अपनी puja बिना किसी गलती के कर सकते हैं—बस do’s और don’ts को समझकर उनका पालन करें। Do’s and Don’ts Do’s व्रत के दौरान प्रतिदिन सूर्य को जल अर्पित करें ध्यानपूर्वक मंत्र जाप करें Udhyapan के दिन दान करें स्वच्छता और अनुशासन बनाए रखें तांबे के बर्तनों का उपयोग करें Don’ts मांसाहार का सेवन न करें शराब और तामसिक आदतों से दूर रहें Surya Arghya देना न भूलें नकारात्मक व्यवहार से बचें बिना संकल्प के पूजा न करें Benefits of Performing Anant Ravivar स्वास्थ्य और immunity में सुधार Surya से जुड़े ग्रह दोषों का निवारण करियर और जीवन में सफलता आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता में वृद्धि आध्यात्मिक उन्नति और सकारात्मकता Anant Ravivar या Udhyapan Ravivar केवल एक ritual नहीं, बल्कि Surya Dev की उपासना का एक शक्तिशाली समापन है। Chaitra महीने के शुभ रविवार, विशेषकर 26 April 2026 को विधिपूर्वक यह अनुष्ठान करने से अधिकतम लाभ और दिव्य आशीर्वाद प्राप्त होते हैं। सही नियमों का पालन, मंत्र जाप, दान और श्रद्धा के साथ Udhyapan करने से व्यक्ति Surya Dev की दिव्य ऊर्जा से जुड़ता है और अपने जीवन में स्वास्थ्य, समृद्धि और सफलता को आमंत्रित करता है। Bhaktinama केवल एक platform नहीं, बल्कि bhakti और puja का भाव है—आपकी हर पूजा को सरल, व्यवस्थित और सफल बनाने वाला सच्चा सहायक।